भट्टा मित्रा डायरीज़ — 2025-2026 — इस सीज़न की कहानी - हिन्दी
मैदान में इस सीज़न: भट्टा मालिकों के साथ मेरे ऑफ़लाइन अनुभव जो मैंने देखा, वो मैंने सोचा नहीं था। मैंने देखा — एक उद्योग जो पहले ही हार मान चुका था। और मैं क्यों नहीं माना। और इसीलिए मैं और मज़बूत हो गया। यह पोस्ट किसी दफ़्तर से नहीं लिखी गई। न किसी डैशबोर्ड से। न किसी साफ़ मेज़ पर बैठकर। यह उस सीज़न से लिखी गई है जो मैंने वापस मैदान में बिताया — भट्टों के पास, काम के पास, उन लोगों के पास जो यह काम बरसों से करते आ रहे हैं। मैं सहारनपुर, उत्तर प्रदेश का ईंट भट्टा मालिक हूँ — 2013 से। मैंने भट्टा मित्रा 2025 में शुरू किया। किसी बोर्डरूम में नहीं, किसी बड़े आइडिया के साथ नहीं — बल्कि इसलिए कि बारह साल तक इस उद्योग की हर तकलीफ़ खुद झेलने के बाद मेरा सब्र जवाब दे गया। लेकिन इस सीज़न — 2025-26 में — मैं प्लेटफ़ॉर्म से दूर हटा और वापस वहाँ गया जहाँ से सब शुरू हुआ था। वापस भट्टे पर। जो मैंने देखा, वो मैंने सोचा नहीं था। — — — मुझे क्या उम्मीद थी बारह साल इस उद्योग में रहने के बाद मुझे लगता था कि मैं इसकी हर तकलीफ़ जानता हूँ। कोयले में मिलावट। पेशगी लेकर गायब होने व...